20 March 2025

WISDOM -----

 इस संसार  में  अँधेरे  और  उजाले  का  निरंतर  संघर्ष  है  l  अंधकार  की  शक्तियां  निरंतर  सामूहिक  रूप  से   उजाले  को  रोकने  का  भरसक  प्रयास  करती  हैं   l  ये  प्रयास  हर  युग  में   हुए  हैं  , बस !  उनका  तरीका  अलग -अलग  है  l  रावण  अपने  राक्षसों  को   आदेश  देता  था  कि  जाओ ,  कहीं  भी  यज्ञ ,  हवन  आदि  पुण्य  कार्य  हो  रहे  हों  तो  उन्हें  नष्ट  करो , उनमें  विध्न , बाधाएं  उपस्थित  करो  ,  ऋषि -मुनियों  को  मार  डालो , कोई  संकोच  नहीं  l  हिरण्यकश्यप  स्वयं  को  भगवान  कहता  था  ,  जो  उसे  न  पूजे  ,  उसे  फिर  अपनी  जिन्दगी  जीने  का  कोई  हक  नहीं  l  महाभारत  काल  में  अत्याचार , अन्याय  और  षड्यंत्रों  की  विस्तृत  श्रंखला   के  रूप  में  अंधकार  की  शक्तियां  प्रबल  रहीं   l  महारानी  द्रोपदी  को  अपमानजनक  शब्दों  का  सामना  करना  पड़ा  l  कलियुग  आते -आते  लोगों  की  मानसिकता  विकृत  होने  लगी  l  वीरता  का  स्थान  कायरता  ने  ले  लिया  l  जो  आसुरी  प्रवृत्ति  के  हैं ,  उनमें  निहित  दुर्गुण  इतने  प्रबल  हो  गए  कि   उन  दुर्गुणों  के  भार  ने  असुरों  के  मनोबल  को  बिलकुल  समाप्त  कर  दिया  ,  उन्हें  कायर  बना  दिया  इसलिए  अब  ऐसे  असुर   उजाले  को  मिटाने  के  लिए  अनेक  कायराना  तरीके  अपनाते  हैं   l  चाहे  भगवान  बुद्ध  हों , स्वामी  विवेकानंद  हों   या  अध्यात्म  पथ  को  कोई  भी  पथिक  हो  ,  उसके  चरित्र  पर  प्रहार  करते  हैं  ताकि  उसका  मनोबल  टूट  जाए  ,  वह  अपने  पथ  से  भटक  जाए  l  उनके  जीवन  में  आँधी -तूफ़ान  लाने  का  भरपूर  प्रयास  करते  हैं  लेकिन  अंत  में  जीत  सत्य  की  होती  है  l  ऐसे  कायर  असुरों   के  प्रहार  से  अपने  आत्म  बल  को  मजबूत  बनाए  रखने  का  एक  ही  तरीका  है   कि  ईश्वर   के  विधान  पर  अटूट  आस्था  और  विश्वास  हो  , वार  चाहे  कितना  ही  गहरा  हो  अपने  मन  को  न  गिरने  दें  l  दुनिया  क्या  कहती  है  , इस  पर  ध्यान  न  दें   l  उस  परम  सत्ता  की  निगाह  में  श्रेष्ठ  बनने  का  प्रयास  करें  l