25 March 2026

WISDOM -----

  मनुष्य  बुद्धिमान प्राणी  है  लेकिन  उसकी  सबसे  बड़ी  भूल  यह  है  कि  वह इतिहास  से  शिक्षा  नहीं  लेता  l  अपना  अहंकार , लालच , कामना  , अतृप्त  इच्छाएं  , महत्वाकांक्षा  के  आगे  उसे  कुछ  दिखाई  नहीं  देता  l  यह सब  दुर्गुण   जिसमें  भी  हैं  , वह  अपनी  शक्ति  के  अनुरूप  उस  क्षेत्र  को  मुसीबत  में  डाल  देता  है  l   व्यक्ति  जितना  पावरफुल  है  वह  उतने  ही  बड़े  क्षेत्र  को  , यहाँ  तक  कि  इस  दुनिया  को  , प्रकृति  को  सबको  मुसीबत  में  डाल  देता  है  l  चाहे  महाराज  ययाति  हों , दुर्योधन हों   या  रावण  हों  ---सब  विभिन्न  रूपों  में  इस  धरती  पर  आफत  बनकर  बरस  रहे  हैं  l  गीता  में  कहा  गया  है  कि  जिनका  मन  शांत  है ,  वे  अपने  आसपास  सम्पूर्ण  वातावरण  में  शांति  फैलाते  हैं  l  इस  युग  का  यह  दुर्भाग्य  है  कि  लोगों  के  मन  अशांत  हैं  l  जिनके  पास  संसार  के  सारे  सुख  हैं , वैभव  है , शक्ति  है  , उनके  मन  सबसे  ज्यादा  अशांत  हैं  , मन  अशांत  होकर  भटक  रहा  है  इसलिए  बुद्धि  बेलगाम  हो  गई  है  l  यदि  हम  संसार  में  शांति  चाहते  हैं  तो  हमें  सबसे  पहले  अपने  मन  को  शांत  रखना  होगा  l  जब  व्यक्ति  का  मन  शांत  होगा  तो  परिवार  में  शांति  होगी  ,  फिर  समाज  में  राष्ट्र  में  और  संसार  में  शांति  होगी  l  यह  शांति  अनोखी  होगी  ,  एक ऐसी  शांति  जिसमे  हमने  अपने  मन  को  मारा  नहीं  है   l  हमारे  मन  की  भटकन , पागलपन  दूर  हो  जाता  है  और  हमारे  निर्णय  विवेकपूर्ण  होते  हैं  l  आज  संसार  में  जब  इतनी  अशांति  है   तब  हम  सबका  यह  कर्तव्य  बन  जाता  है  कि  हम  सब  गायत्री  मन्त्र  का  जप  करें  और  ईश्वर  से  प्रार्थना  करें   कि  वे  संसार  के  विभिन्न  राष्ट्रों  के  जो   कर्ता धर्ता   हैं  ,  उनके  मन  को  शांति  दें ,  उनके  भीतर  विवेक  जाग्रत  हो  l  सबसे  बढ़कर  जो  हथियार  बनाते  हैं  , उन्हें  सद्बुद्धि  आए  l   अपना  लाभ  कमाने  की  न  सोचें  l  इस  धरती  पर  अमर  कोई  नहीं  है  ,  इतनी  लाशों  का  बोझ  अपने  कन्धों  पर  लेने  से  कहीं  भी  शांति  नहीं  मिलेगी  l