14 January 2026

WISDOM -----

 1. लघु कथा ----- भिखारी  दिन  भर  भीख  मांगता  -मांगता   शाम  को  एक  सराय  में  पहुंचा  और  भीतर  की  कोठारी  में  भीख  की  झोली  रखकर  सो  गया  l  थोड़ी  देर  में  एक  किसान  आया  ,  उसके  पास  रुपयों  की  एक  थैली  थी  ,  वह  बैल खरीदने  गया  था  l  वह  किसान  भी  रात  को  उसी  सराय  में  रुका  , जहाँ  भिखारी  था   और  वह  पोटली सिराहने  रखकर  सो  गया  l  भीख  की  झोली  रुपयों  की  झोली  से  बोली  --- "  बहन  !  हम  तुम  एक  ही  बिरादरी  के  हैं  ,  इतनी  दूर  क्यों  हो  ,  आओ  , हम  तुम  एक  हो  जाएँ  l  रुपयों  की  थैली  ने  हँसकर  कहा  -----"  बहिन  !  क्षमा  करो  ,  यदि  मैं  तुमसे  मिल  गई   तो  संसार  में   परिश्रम  और  पुरुषार्थ  का  मूल्य  ही   क्या  रह  जायेगा  ? "  

 2 .   लघु  कथा  --- एक  दिन  छाया  ने  मनुष्य  से  कहा  --- "  लो  देखो  ,  तुम  जितने  थे   उतने  ही  रहे   और  मैं  तुमसे  कई  गुना  बढ़  गई  l  मनुष्य  मुस्कराया  और  बोला  ----- "  सत्य  और  असत्य  में  यही  तो  अंतर  है  l  सत्य  जितना  है  उतना  ही  रहता  है   और  असत्य  पल -पल  में  घटता -बढ़ता  रहता  है  l "