4 February 2026

WISDOM

 पं . श्रीराम  शर्मा  आचार्य जी  लिखते हैं  ---- 'किसी  को  भी  असफलता  मिलने पर  निराश  होकर  नहीं  बैठना  चाहिए  l  प्रयासरत  रहना  चाहिए  , किसी  न  किसी  क्षेत्र  में  सफलता  अवश्य  मिलेगी  l   जिस  तरह सीढ़ियाँ  चढ़ने  में सावधानी   बरती  जाती  है  ,  अतिशीघ्रता में  कभी-कभी  पाँव  फिसलने  व  गिरने  का  भी  डर   रहता  है  ,  उसी  तरह  मंजिल  तक  पहुँचने  के लिए   बढ़ाये  जाने  वाले  क़दमों  में  भी   सावधानी  का  ध्यान  रखना  जरुरी  है  l  मंजिल  तक  ले  जाने  वाला   हमारा हर  प्रयास  महत्वपूर्ण  होता  है  l  "  पंचतंत्र  की  एक  कहानी  है  ---------------- एक  जंगल  में  दो  पक्षी  रहते  थे  l  उस  जंगल  में   एक    छोर  पर  एक  वृक्ष  था  ,  जिसमें  वर्ष  में  एक  बार  स्वादिष्ट  फल  लगते  थे  l  जब  फलों  का  मौसम  आया  ,  तो  जंगल  के  दोनों  पक्षियों  ने  वहां  जाने  की  योजना  बनाई  l  पहले  पक्षी  ने  दूसरे  पक्षी  से  कहा  --- "  वह  वृक्ष  यहाँ  से  बहुत  दूर  है  ,  इसलिए  मैं  तो  आराम  से  वहां  पहुँच  जाऊँगा  l  अभी  फलों  का  मौसम  दो  माह  रहेगा  l "  इस  बात  पर  दूसरे  पक्षी  ने  कहा  ---- " नहीं  मित्र  !  मुझसे  तो  रहा  नहीं  जा  रहा  है  l  उन  स्वादिष्ट  फलों  के  बारे  में  सोचकर  ही  मेरे  मुँह  से  पानी  आ  रहा  है   l  इसलिए  मैं  तो  एक  ही  उड़ान  में  वहां  पहुंचकर   मीठे  फल  खा  लेना  चाहता  हूँ  l "  दूसरे  दिन  दोनों  पक्षी  अपने  घोंसले  से  निकलकर  उस  वृक्ष  की  ओर  उड़  चले  l  कुछ  दूर  जाने  पर  पहले पक्षी  को  थकान  होने  लगी  ,  तो  वह  विश्राम  करने  के  लिए  एक  वृक्ष  की  टहनी  पर  ठहर  गया  l  वहीँ  दूसरा  पक्षी  उसे  ठहरा  हुआ  देखकर  मुस्कराया  और  तेजी  से  फलों  की  ओर  उड़ने  लगा  l  थकान  तो  उसे  भी  थी   लेकिन  उसे  फल  खाने  की  जल्दी  थी  l  अब  उसे  दूर  से  ही  फलों  वाला  वृक्ष  दिखाई  देने  लगा  l  फलों  की  सुगंध  भी  उसे  आने  लगी  ,  लेकिन  तभी  उसके  पंख  लड़खड़ाए  क्योंकि  वह  बुरी  तरह  थक  चुका  था  l  वह  आसमान  से  जमीन  पर  जा  गिरा  l  उसके  पंख  बिखर  गए   और  वह  उन  फलों  तक  कभी  नहीं  पहुँच  सका  l  दूसरी  ओर  पहला  पक्षी  जो  रुक -रूककर  आ  रहा  था  ,  वह  फलों  तक  आराम  से  पहुँच  गया  l  और  उसने  जी  भरकर  स्वादिष्ट  फल  खाए  l  इस  कहानी  से  हमें  यही  शिक्षा  मिलती  है   कि  एक -एक  कदम  चलकर  ही  हम  अपने  लक्ष्य  को  प्राप्त  कर  सकते  हैं  l  साथ  ही  लक्ष्य  तक  पहुँचने  के  लिए   जितना  महत्त्व  श्रम  व  प्रयास  का  है  ,  उतना  ही महत्त्व  विश्राम  का  भी  है  l  विश्राम  करने  से  ही  हमें  आगे  बढ़ने  के  लिए  ऊर्जा  मिलती  है  l