6 April 2026

WISDOM -----

 मनुष्य  के  जीवन  में   जितनी  भी  समस्याएं  हैं  उनके  कारण  कहीं  बाहर  नहीं  हैं  l  भौतिकता  की  अंधी  दौड़  में  मनुष्य  ने  अपने  जीवन  को  एक  समस्या  बना  लिया  है  l  अब  लोग  एक  मशीन  की  तरह  जीवन  जीते  हैं  ,  जिसमें  भावनाओं  का  कोई  स्थान  नहीं  है  l  अनेक  ऐसे  शब्द  जो  रिश्तों  की  नींव  होते  हैं  ,वे  सब  गायब  हो  गए  हैं   l  अब  दया , करुणा ,  सहयोग , सामंजस्य ,  निस्स्वार्थ  प्रेम  --इन  सबका  अर्थ  अब  न  कोई  जानता  है   और  न  ही  जानने  की  इच्छा  रखता  है  l  अब  लालच , स्वार्थ , अहंकार , महत्वाकांक्षा  ,  ईर्ष्या , द्वेष   मनुष्य  पर  हावी  है  l  वह  न  स्वयं  चैन  से  रहता  है   और  न  ही  दूसरों  को  चैन  से  रहने  देता  है  l   इन सब  दुर्भावनाओं  से  मनुष्य  ने  स्वयं  ही   अपने  को  तनावग्रस्त  कर  लिया  है  l  इसका  दुष्परिणाम  संसार  में  विभिन्न  क्षेत्रों  में  देखने  को  मिलता  है  l  मनुष्य  को  इनसान  बनना , मानवीय  मूल्यों को  समझना  सबसे  कठिन  लगता  है   इसलिए  उसने  स्वयं  ही  नकारात्मकता  का  रास्ता  चुन  लिया  , उसे  मनुष्यता  के  स्तर  से  नीचे  गिरने  का  कोई  दुःख  भी  नहीं  है  l