11 November 2019

WISDOM ----

  हिरण्यकशिपु   ने  प्रह्लाद  से कहा ---- " तुम  भी  मेरी  तरह  धन - सम्पति  अर्जित  करो  l   मैं  तुम्हारा  पिता  हूँ ,  तुम्हे  मेरी  हर  बात  माननी  चाहिए  l  "
  प्रह्लाद  ने  उत्तर  दिया    ---- "  "पिता  के  नाते  आप  मुझसे  शारीरिक  सेवा  ले  सकते  हैं   ,  पर  आपकी  अनुचित  बातों  का  समर्थन   करूँ  ,  यह  मुझसे  नहीं   होगा  l  "   उन्होंने  अपार  कष्ट  सहे ,  संकट  सहे   किन्तु  अनौचित्य   का  कभी  समर्थन   नहीं  किया  l   स्वयं  भगवान   को  आकर   प्रह्लाद  की  रक्षा  के  लिए  हिरण्य कशिपु    का वध  किया  l 

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