14 May 2026

WISDOM ------

    इस  धरती  पर  अनेक  ऐसी  आत्माओं  ने  जन्म  लिया    जिन्होंने  अपने  आचरण  से संसार  को  शिक्षा  दी   l  अपनी    नीति -कुशलता  से  वे  इतिहास  में  अमर  हो  गए  l ---- दूसरे  देश  से  आया  शिष्टमंडल  महामात्य  चाणक्य  से  मिलने  पहुंचा  l  उसे  आया  देख  चाणक्य  ने  कक्ष  में  रखा  दीपक  बुझा  कर  दूसरा  दीपक  जला  दिया  l  शिष्टमंडल  के  प्रमुख  ने  उनसे  ऐसा  करने  का  कारण  पूछा   तो  चाणक्य  ने  उत्तर  दिया  ---- ' जब  आप  लोगों  ने  प्रवेश  किया  तब  मैं  व्यक्तिगत  कार्यों  में  संलग्न  था   और  जो  दीपक  जल  रहा  था  ,  वह  मेरे  निजी  धन  से  लाए  गए  तेल  से  जल  रहा  था  l  अब  जल  रहा  ये  दीपक   राजकोष  के  धन  से  जल  रहा  है  , क्योंकि  हमारा  वार्तालाप  शासकीय  मुद्दों  पर  है  l  हमें   राष्ट्रीय   संपदा  का   व्यक्तिगत  कार्यों  पर  खर्च  करने  का  अधिकार  नहीं  है   और  न  ही  मैं  ऐसा  करूँगा   l  शिष्टमंडल  चाणक्य  की  ईमानदारी  से  अभिभूत  हो  गया  l    आज  परिवार  में  , समाज  और  राष्ट्र  में  इतनी  समस्या  और  तनाव  है  उसका  कारण  यही  है  की  व्यक्ति  अपने कार्यों  के  प्रति , अपने  कहे  गए  शब्दों  के  प्रति  यहाँ  तक  की  स्वयं  अपने  जीवन  के  प्रति   और  ईश्वर  के  प्रति   भी  ईमानदार  नहीं  है  l