18 February 2020

WISDOM ----

  '  अशुद्ध   वह  नहीं  करता   जो  कुछ  मुंह  में  जाता  है  ,  अशुद्ध  वास्तव   में  वह  करता  है   जो  मुंह  से  बाहर  निकलता  है  l   क्योंकि  जो  मुंह  में  जाता  है   वह  पेट  में  पचकर   मल   होकर  निकल  जाता  है  l   किन्तु  जो  कुछ  मुंह  से  निकलता  है   वह  मन  की  गंदगी  की  गवाही  देता  है   और  वही  मनुष्य  को  गन्दा  करता  है   l   गाली , असत्य , निंदा ,  चुगली   आदि  विकार   मुख   द्वारा   मन  से  निकलते  हैं   और  यही  मनुष्य  को  अशुद्ध  बनाते  हैं   l   बिना  हाथ  धोये  भोजन  करना  उतना  अशुद्ध  नहीं  है  जितना  कि   गन्दी  बात  कहना  l   इसलिए  मैं  तुमसे  कहता  हूँ   कि   बाह्य  क्रियाओं  से  पूर्व   अपने  मन  को  शुद्ध  करने  का  यत्न  करो   l   क्योंकि  पिता  के  स्वर्ग  राज्य  में   तन  की  नहीं  मन  की   शुद्धता  पर  विचार  किया  जाता  है  l' --------  सेंटपाल 

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