18 May 2026

WISDOM -----

   श्रुतायुध  ने   भगवान  शिव  की   तपस्या  कर  के  उनसे   ऐसी  गदा  प्राप्त  की  , जिसका  प्रहार  त्रिलोक  में  किसी  के  लिए  सह  पाना  संभव  नहीं  था  l  गदा  देते  समय  भगवान  शिव  ने  श्रुतायुध  को  आगाह  किया   कि  गदा  का  उपयोग  मात्र  सत्कार्यों   में  किया  जा  सकता  है  ,  यदि  व्यक्तिगत  राग -द्वेष  की  पूर्ति  के  लिए  इसका  उपयोग  हुआ  तो   यही  गदा  उसकी  मृत्यु  का  कारण  बनेगी  l  महाभारत  के  युद्ध  में  श्रुतायुध  को  अर्जुन  के  सामने  युद्ध  के  लिए  आना  पड़ा  l    भगवान  श्रीकृष्ण  को  श्रुतायुध  की  गदा  के  विषय  में  ज्ञात  था   और  वे  जानते  थे  कि  यदि  वह  गदा  चली  तो  अर्जुन  उस  प्रहार  को  झेल  न  सकेगा  l  भगवान  श्रीकृष्ण  श्रुतायुध  को  देखकर  हँस  पड़े  l  श्रुतायुध  को  लगा    कि  भगवान  कृष्ण  उसे  कुरूप  समझकर  उस  पर  हँस  रहे  हैं  l  क्रोध  में  वह   अपना  संयम  खो  बैठा  और  भगवान  शिव  की  चेतावनी भूल  गया  l  उसने  वह  गदा  भगवान  कृष्ण  को  लक्ष्य  कर  के  फेंकी  ,  परन्तु  गदा  ने  लौटकर   श्रुतायुध  का  ही  वध  कर  दिया  l  शक्तियों  का  उपयोग   विवेकसम्मत  तरीके  से  ही  किया  जाना  चाहिए  , अन्यथा  दंड  का  भागी  बनना  पड़ेगा  l  

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