9 June 2026

WISDOM -----

  आज  संसार  में   छल , कपट , फरेब , धोखा , लालच , अहंकार  , कायरता , अतृप्त  इच्छाएं  ----- आदि  नकारात्मक  शक्तियों  का  जाल  इतना  सघन  हो  गया  है  कि  मन  में प्रश्न  उत्पन्न  होता  है  कि  ईश्वर  कहाँ  हैं  ?  यदि  ईश्वर  हैं  तो  असुरता  इतनी  हावी  क्यों  है  ?  आसुरी  शक्तियों  का  साम्राज्य  इतना  क्यों  बढ़ता  जा  रहा  है  ?   ययाति  की  तरह  भोग -विलास  की  इच्छाएं  कभी  समाप्त  ही  नहीं  हो  रहीं  हैं  l  अब  मनुष्य  पर  स्वार्थ , अहंकार   इतना  अधिक  हावी  हो  गया  है  कि  वे  त्याग , ईमानदारी , सत्य बोलना  जैसे  सद्गुण  भूल  गये  हैं  l  अनेक  विद्वान  कहते  हैं  कि  भगवान  कलिक  का  अवतार  होगा  , फिर  सतयुग  आएगा  l   अत्याचार , अन्याय  और  अधर्म     को  मिटाने ,  आसुरी  शक्तियों  का  अंत  करने  के लिए   भगवान  श्रीराम  और  श्रीकृष्ण  इस  धरती  पर  अवतरित  हुए   l  आसुरी  शक्तियों  का  अंत  भी  हुआ   , कुछ  समय  शांति  भी  रही   लेकिन  संस्कार  नहीं   मिटे , रावण , कंस , दुर्योधन , दु:शासन  , हिरन्यकश्यप  जैसे     आसुरी  तत्वों  ने  सम्पूर्ण  संसार  पर   अपना  साम्राज्य  स्थापित  कर  लिया  है  l  पं . श्रीराम  शर्मा  आचार्य जी  कहते  हैं  ---- 'असुरता  को  मिटाने  के  लिए  अब  ईश्वर  का  अंशावतार  होगा  l  इसका  अर्थ  है  कि  एक  व्यक्ति  विशेष  के  रूप  में  ईश्वर  नहीं  आयेंगे  ,  वे  लाखों , करोड़ों  लोगों  के  मन  में  , ह्रदय  में   अंश रूप  में  प्रवेश  करेंगे   l  जिससे  व्यक्ति  की  चेतना  जाग्रत  हो ,  उसका  विवेक   जागे  ,  वह  अपना  मूल्य  समझे  की  वे  ईश्वर  के  राजकुमार  हैं ,  बंदरों  के  वंशज  नहीं  हैं  l  जब  लोग   जागरूक  होंगे  , अपनी   सोयी  हुई  शक्तियों  को  जाग्रत  करेंगे   तब  असुरता   को  मिटने  में  देर  न  लगेगी  l