29 January 2026

WISDOM ------

   लघु  कथा  ------ एक  महात्मा  के  पास  तीन  मित्र  गुरु  -दीक्षा  लेने  गए  l  तीनों  ने  बड़े  भक्तिभाव  से  प्रणाम  कर  के  अपनी  जिज्ञासा  प्रकट  की  l  महात्मा  ने  उनको  शिष्य   बनाने  से  पूर्व  पात्रता  की  परीक्षा  कर  लेने  के  उदेश्य  से  पूछा  ---- " बताओ  कान  और  आँख  में  कितना  अंतर  है  ? '  एक  ने  उत्तर  दिया ---- ' केवल  पांच  अंगुल  का  भगवन  l ' महात्मा  ने  उसे  एक  ओर  खड़ा  कर  के  दूसरे  से  उत्तर  के  लिए  कहा  l  दूसरे  ने  उत्तर  दिया  --- " महाराज  !  आँख  देखती  है  और  कान  सुनते  हैं  ,  इसलिए  किसी  बात  की   प्रमाणिकता  के  विषय  में  आँख  का  महत्त्व  अधिक  है  l "  महात्मा  ने   उसको  भी  एक ओर  खड़ा  कर  के   तीसरे  से  उत्तर  देने  के  लिए कहा  l  तीसरे  ने  कहा --- '  भगवान्  !  कान  का  महत्त्व  आँख  से  अधिक  है  l  आँख  केवल  लौकिक  एवं   द्रश्यमान  जगत  को  ही  देख  पाती  है  ,  किन्तु  कान  को  परलौकिक    एवं  पारमार्थिक  विषय  का  पान  करने  का  सौभाग्य  प्राप्त  है  l "  महात्मा  ने  तीसरे  को  अपने  पास  रोक  लिया  l  पहले  दोनों  को  कर्म  एवं   उपासना  का  उपदेश  देकर  अपनी  विचारणा   शक्ति   बढ़ाने के  लिए  , विदा  कर  दिया  l  

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