31 January 2026

WISDOM ------

 वर्तमान  समय  में   प्राकृतिक  आपदाएं ,  आकस्मिक  मृत्यु ,  दुर्घटनाएं  ---प्रकृति  की  नाराजगी   और  चेतावनी   का  संकेत  है  l  प्रत्यक्ष  रूप  में  इसके  अनेक  कारण  हो  सकते  हैं   लेकिन  कुछ  कारण  ऐसे  भी  होते  हैं  जो  दिखाई  नहीं  देते  l  अनेक लोग   गुप्त  रूप  से  अपने स्वार्थ  की   पूर्ति    और  ईर्ष्या  द्वेष  के  कारण  दूसरों  को  नुकसान  पहुँचाने  के  लिए  नकारात्मक  शक्तियों  का  इस्तेमाल  करते  हैं  l  ऐसी  नकारात्मक  शक्तियां  वायुमंडल  में  ही  विचरण  करती  हैं  l  जिस  किसी  की ओर  लक्ष्य  कर  के  इन्हें  भेजा  जाता  है  ,  उसका  तो  ये  नुकसान  करती  ही  हैं  ,  इसके  साथ  ही   वे  पूरे  वायुमंडल  को  भी  प्रदूषित  करती  हैं  जैसे  कोई  बड़ी  बदबूदार  चीज  एक  स्थान  से  दूसरे  स्थान  जाएगी   तो  वह  पूरा  रास्ता  बदबू  से  भर  जायेगा   और  उसका   असर  सभी  पर  किसी  न  किसी  रूप  में  अवश्य होगा  l  इस  समय  में  धन  और  महत्वाकांक्षा  की  अंधी  दौड़  है  l लोगों  का  कितना  अहित  होता  है  , इससे  किसी  को  कोई  फर्क  नहीं  पड़ता l   अनेक  प्रकार  की बीमारियाँ  लोग  झेल  रहे  हैं  l  जिनका  जीवन  स्तर  अच्छा  है , पौष्टिक  भोजन  है  फिर  भी  बीमारी  है ,  पीठ  में  दर्द , घुटने  में  दर्द ,  पैरों  में  दर्द   यह  तो  आम  बात  है  इसके  लिए  बुढ़ापा  या  कमजोरी  ही  कारण  नहीं  है l  बड़ी   मात्रा  में  तंत्र -मन्त्र , नकारात्मक  शक्तियों  के  प्रयोग , साइकिक  अटैक  , विभिन्न  तरीके  के   तांत्रिक  प्रयोग  ---ऐसी  सभी  बीमारियों  के  कारण  हैं    जो  महँगी  दवाई  खाने  और  आपरेशन  के  बाद  भी  ठीक  नहीं  होतीं  l  जो  लोग  भी  गुप्त  रूप  से  इन  कार्यों  में  लगे  हैं  ,  उनका  परिवार  भी  सुरक्षित  नहीं  होता , बड़ी  बीमारियों    को    झेलता  है   और  अपने  ही  हाथों  अपनी  पीढ़ियों  की  बर्बादी  लिख  लेता  है  l    जो  लोग  किसी  को  नुकसान  पहुँचाने  के  लिए  ऐसी  नकारात्मक  शक्तियों  का  इस्तेमाल  स्वयं   करते  हैं   या  किसी  को  प्रचुर  धन  देकर  ऐसा  कराते  हैं  वे  मानसिक  रूप  से   विकृत  होते  हैं , जिन्हें  लोगों  को  कष्ट  में  देखने  से  आनंद  मिलता  है  l पागल  तो  क़ानूनी  दंड  से  भी  बच  जाता  है  ,  फिर  ये  तो  छिपे  हुए अपराधी  हैं   ,  इन्हें  तो  केवल  भगवान  ही  देख  सकते  हैं  , प्रत्यक्ष  में तो  कोई  सबूत  नहीं  है  l  

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