23 June 2026

WISDOM ------

 आज  संसार  में     लोगों  के  जीवन  में  अनेक  समस्याएं  हैं   इसके  लिए  सम्पूर्ण  मानव  समुदाय  ही  उत्तरदायी  है  l  इसका  मूल  कारण  यही  है  कि  सभी  धर्मों  में  आडम्बर  और  दिखावा  तो  बहुत  है   लेकिन  नैतिकता  और  मानवीय  मूल्यों   की  अनिवार्यता   की  सभी  ने  उपेक्षा  कर  दी  है  l  धन  के  लालच  ने  मानवीय  गरिमा  को  ही  समाप्त  कर  दिया  है  l  जीवन  के  सभी  क्षेत्र  अब   व्यापार    बन  गए  हैं  l  वैज्ञानिक  तो  बड़े -बड़े  अविष्कार  कर  देते  हैं  ,  उन्हें  समाज  में  लाना  , लोगों  के  हाथों  में  पहुँचाना  , यह  व्यापारी  और   धनाढ्य  लोगों  की  जिम्मेदारी  है  l  लेकिन  यदि  उन्हें  मानवीय  मूल्यों  का  ज्ञान  नहीं  है  तो  वे  इसे  अधिकाधिक  धन  कमाने  के  लिए इस्तेमाल  करेंगे  जैसे  कृषि  में  रासायनिक  खाद ,  कीटनाशक  , उन्नत  बीज  आदि  का  प्रयोग  करने  से  फसल  तो  ज्यादा  हो  गई  लेकिन  ऐसे  जहरीले  रसायन  से  चील , गिद्ध  भी  नहीं  दीखते , मनुष्यों  को  खतरनाक  बीमारियाँ  हो  गईं  l  सब  छोटे  -बड़े  अस्पताल  बीमारों  से  भरे  हैं   लेकिन  दूसरी  ओर  एक  वर्ग  ऐसा  भी  है   जो  दिन -दूनी   रात   चौगुनी   गति  से  अमीर  हो  रहा  है  l  वैज्ञानिकों  को  तो  ईश्वर  ने  बुद्धि  दी  है  तो  वे  नए -नए  अविष्कार  करते  ही  हैं  लेकिन  उन्हें  संसार  में  क्रियाशील  करने  वालों  में  विवेक , करुणा , दया  , मानवीयता  नहीं  है   तो  वे   उन  आविष्कारों  की  मदद  से  कहीं  बेरोजगारी  फैला  देंगे , कभी  महामारी  फ़ैल  जाएगी  l  धरती  आकाश  सब  प्रदूषित  कर  दिया  , इस  धन  के  लालच  ने  l  धन  जीवन  के  लिए  बहुत  जरुरी  है  लेकिन  इसकी  भी  एक  सीमा  , एक  मर्यादा  होनी  चाहिए  l  यह  मर्यादा  अब  नहीं  रही   , कला  और  साहित्य  में  इस  लालच  ने  लोगों  की  मानसिकता  को  प्रदूषित  कर  दिया  l  ईमानदारी  , सच्चाई  सब  समाप्त  होने  से  मनुष्य  एक  वस्तु  बन  गया  है  , जीवन  सुरक्षित  नहीं  है  l  फिर  भी  लोग   आशावादी  हैं  कि  भगवान  आएंगे  और  सब  ठीक  हो जायेगा  l    अब  धर्म  और  अधर्म  के  बीच  युद्ध  नहीं  है   कि  ईश्वर  धर्म  की  रक्षा  के  लिए  आयेंगे  l  अब  तो  सभी  अधर्म  की  राह  पर  हैं  l  अब  जरुरत  है  लोगों  की  चेतना  को  जगाने  की  l  जिन  लोगों  में  सद्गुण  हैं , सन्मार्ग  पर  हैं  , ईश्वर  उन्ही  की  चेतना  में  प्रवेश  कर  के  उन्हें  अध्यात्म  पथ  पर  आगे  बढ़ाते  हैं   और  उनके  प्रकाश  से  अन्य  लोगों  के  जीवन  का  अँधेरा  भी  दूर  होने  लगता  है  l  l  आचार्य श्री  कहते  हैं  ---ईश्वर  तो  हर  पल  हमारी  मदद  को  तैयार  हैं  ,  हम  सन्मार्ग  पर  चलने  का  संकल्प  तो  ले , उस  दिशा  में  एक  कदम  तो  आगे  बढ़ाएं  l  लेकिन  हमें  एक  बात  अवश्य  ध्यान  रखनी  होगी  कि  अध्यात्म  की  राह  पर  झूठ , फरेब , धोखेबाजी  नहीं  चलती  l