17 July 2026

WISDOM -----

   श्रीमद भगवद्गीता  संन्यास  की  पाठ्य -पुस्तक  नहीं  , यह  हमें  जीवन  जीने  की  कला  सिखाती  है  l  जीवन  समर  में  सभी  प्रकार  की  उथल -पुथल   का  सामना  करते  हुए  जीना  ,  सक्रिय    हो  उद्यमी   बने  रहना  ही   मनुष्य  को  शोभा  देता  है  l  कर्म  करो ,  सक्रिय  होकर  जियो   एवं  निर्भय  होकर  रहो  , परिश्रम  से  मत  डरो  l  निराशाओं  का  सामना  करने  से  हिचकिचाओ  मत  l  जब  तक  जीवित  हो  , वास्तव  में  जीवन  का  एक -एक  पल  जिओ  l  कर्मों  द्वारा  ऊँचे  उठो  , कर्मों  द्वारा  ही  उन्नति  करो  ,  कर्मों  से  ही  अपना  विस्तार  करो  l  जीवन  को  कलाकार  की  तरह  जीने  का  ,  हँसती -हँसाती ,  खिलती -खिलखिलाती  ,  मस्ती  भरी  जिन्दगी   जीने  का  संदेश   गीता  हमें  देती  है  l    गीता  का  संदेश  बड़ा  स्पष्ट  है  ---- कभी  भी  कर्म  किए  बिना  न  रहो   l  जीते  हुए  धरना देना  ,  धीमे  काम  करना  , हड़ताल  करना  , भाग  खड़े  होना  ,  कर्तव्य  त्याग  देना  , अनुपस्थित  रहना  ,  यह  सब  उपाय   जीवन  को  धीमी  मृत्यु  की  ओर  ले  जाते  हैं  ,  सौन्दर्य  छीन  लेते  हैं   और  जीवन  का  क्षरण  कर  डालते  हैं  l  जो  कर्म  किए  बिना  जीता  है  ,  वह  अपने  अस्तित्व  को  खो  बैठता  है  l