5 October 2026

WISDOM -----

 जो  लोग  अनीति  और   अधर्म  पर  होते  हैं   ,  और  जो  लोग  ऐसे  अन्यायी और   छल , कपट  , षड्यंत्र  करने  वालों  का  साथ  देते  हैं  ,  ऐसे  लोगों  की  जिन्दगी  में  जब  कोई  विकत  परिस्थिति  आती  है   तब  उनका  बुद्धि , विवेक  सब  शून्य  हो  जाता  है  l  वे  चाहे  कितने  भी  ज्ञानी  हों , शक्तिशाली  हों  , उनका  विवेक  उनका  साथ  नहीं  देता  , उन्हें  सही  सलाह  नहीं  मिल  पाती  l   वे  अपनी  ही गलतियों  से  अपने  जीवन  को  जोखिम  से  भर  लेते  हैं  l  महाभारत  का  ही  प्रसंग  है  ---- जब  युद्ध  में  गुरु  द्रोणाचार्य  सेनापति  थे  , उनकी वीरता  के  आगे  पांडव  सेना  का  टिकना  मुश्किल  था   l  उस  समय  महाबली  भीम  ने  यह  अफवाह  उड़ा  दी   कि  अश्वत्थामा  मारा  गया  l  द्रोणाचार्य  शस्त्र  और  शास्त्र  के  ज्ञाता  था  , उन्हें  मालूम  था  की  उनका    पुत्र  अश्वत्थामा   अमर  है   फिर  भी  उन्होंने  भीम  की  बात  पर  विश्वास  कर  लिया  l  उन्होंने  इस   बात  की  प्रमाणिकता  के  लिए   अश्वत्थामा  के  परम  मित्र    युवराज  दुर्योधन   से  नहीं  पूछा  l   राजसुख  भोगने  के  लिए   दुर्योधन  का   अन्न  खाने  से  उनकी  बुद्धि  भ्रमित  हो  गई   और  उन्होंने  शत्रु  पक्ष  के   युधिष्ठिर  से  पूछा  कि  --- तुम  सत्यवादी  हो  , बताओ  क्या  मेरा  पुत्र  अश्वत्थामा  मारा  गया  l  अब  युधिष्ठिर  तो  सत्यवादी  थे   पर  शेष  सब  उनकी  तरह  नहीं  थे  ,  फिर  उनके  पक्ष  में  भगवान  श्रीकृष्ण  थे  ,  शत्रु  को  पराजित  करने  की  रणनीति   उनसे  अच्छी  और  कौन   जान   सकता   है  l  इसी  तरह  महारथी  कर्ण  का  पहिया  भी  जब  युद्ध  में  कीचड़  में  फंस  गया   तब  वह  ब्रह्मास्त्र  विद्या  ही  भूल  गया  l  इसके  पीछे  उसे   परशुराम    जी  से  मिला  श्राप  तो  था  लेकिन  एक  वजह  यह  भी  थी  कि  उसने  दुर्योधन  की  कृपा  से  मिले   राजमुकुट  का  एहसान  चुकाने  के  लिए   निरंतर  षडयंत्र  करने  वाले , अनीति  के मार्ग  पर  चलने  वाले  दुर्योधन  का  साथ  दिया   तो  यह  होना  ही था  l  इसलिए  पं . श्रीराम  शर्मा  आचार्य  जी  कहते  हैं  -----  अपना  एक  रिश्ता  ईश्वर  से   रखो  l  माता , पिता , भाई  , मित्र   किसी  भी  रूप  में  उन्हें   हर  पल  याद करो  l  धीरे -धीरे  यह  रिश्ता  पक्का  हो  जायेगा  l  ईश्वर  कभी  किसी  को  निराश  नहीं  करते  l  ऐन  वक्त  पर  वे  हमारे  विवेक  को  जगा  देते  हैं   और  बड़ी  से  बड़ी  मुसीबत  से  उबार  लेते  हैं  ,  हर  पल  रक्षा  करते  हैं  l  ईश्वर  विश्वास  में  बहुत  शक्ति  है  l  

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