कहते हैं व्यक्ति की मृत्यु उसके जीवन के सत्य को उजागर करती है कि उस व्यक्ति ने अपना जीवन कैसे जिया l रावण एक असुर था l अपनी आसुरी प्रवृतियों के बावजूद उसने शिवजी की घोर तपस्या की और अनेक वरदान प्राप्त किए l रावण महापंडित , महाज्ञानी था l उसमें ऐसा कुछ विशेष था कि उसका अंत करने स्वयं भगवान को आना पड़ा l जिसकी मृत्यु के समय स्वयं ईश्वर सामने हों तो उसकी आत्मा को सम्मान के साथ ले जाने के लिए वैकुण्ठ से भगवान का विमान आता है , उसकी मुक्ति हो जाती है l यदि हम वर्तमान के असुरों को देखें तो इनके और भी कई नाम हैं , जो इनके पापकर्मों के कारण इन्हें दिए गए हैं जैसे पिशाच , एनर्जी वैम्पायर , नार्सिस्ट , अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करने वाले , भूत -प्रेत आदि एन्टिटी के माध्यम से दूसरों को सताने वाले तांत्रिक l ऐसे कई नाम इन्हें दिए जा सकते हैं l रावण भी महान तांत्रिक था , मायावी था लेकिन उसके पास जो ऊर्जा थी वह उसने अपनी तपस्या से प्राप्त की थी l उसने एनर्जी वैम्पायर की तरह किसी की ऊर्जा को चुराया नहीं था l लेकिन आज के जो असुर हैं वे दूसरों की ऊर्जा को चूसकर , स्वयं को भगवान मानकर अपने जीवन में एन्जॉय करते हैं l ऐसे लोग वास्तव में अमर बेल की तरह हैं जो दूसरों के बल पर जीते हैं l इन लोगों का अंत बहुत कष्टकर होता है और कहते हैं मृत्यु के बाद इनकी आत्मा को यमदूत कोढ़े मारते हुए , घसीटते हुए ले जाते हैं l ऐसे लोग मानव समाज के लिए हर तरह से अभिशाप हैं , ऐसे लोग जब तक जीवित रहते हैं , अपने अहंकार और अपनी अनेक बुराइयों के कारण लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से उत्पीड़ित करते हैं l मरने के बाद इनकी मुक्ति नहीं होती , तब ये भूत -प्रेत , पिशाच , जिन्न आदि बनकर लोगों को सताते हैं , अपनी अतृप्त इच्छाओं को पूरा करते हैं और सम्पूर्ण वायुमंडल को नकारात्मक कर देते हैं l उनकी कभी शांत न होने वाली भूख के कारण ही संसार में उत्पात , दुर्घटना , सामूहिक मृत्यु आदि दिल दहलाने वाली घटनाएँ होती है l इस समस्या का एक ही समाधान है कि सम्पूर्ण संसार सामूहिक रूप से ' गायत्री मंत्र ' का जप करे l गायत्री मंत्र से स्वयं के लिए एक सुरक्षा कवच बन जाता है , स्वयं ईश्वर इन पापियों से रक्षा करते हैं और गायत्री मंत्र के जप से प्रकृति को पोषण मिलता है , मन्त्र के प्रभाव से ये पापी कम से कम भूत -प्रेत बनकर संसार को कष्ट न दें , किसी अन्य लोक में जाएँ तभी इस संसार में मनुष्य सुकून की जिन्दगी जी सकता है l