20 October 2026

WISDOM ------

 कहते हैं  व्यक्ति  की  मृत्यु  उसके  जीवन  के  सत्य  को  उजागर  करती  है  कि  उस व्यक्ति  ने  अपना  जीवन  कैसे  जिया  l  रावण  एक  असुर  था  l  अपनी  आसुरी  प्रवृतियों  के  बावजूद  उसने   शिवजी  की  घोर तपस्या  की  और  अनेक  वरदान  प्राप्त  किए  l  रावण   महापंडित , महाज्ञानी  था  l  उसमें  ऐसा  कुछ  विशेष  था  कि  उसका  अंत  करने  स्वयं  भगवान  को  आना  पड़ा  l  जिसकी  मृत्यु  के  समय  स्वयं  ईश्वर  सामने  हों   तो  उसकी  आत्मा  को  सम्मान  के  साथ  ले  जाने  के  लिए   वैकुण्ठ  से  भगवान  का  विमान  आता  है  ,  उसकी  मुक्ति  हो  जाती  है  l  यदि  हम  वर्तमान  के  असुरों  को  देखें   तो  इनके  और  भी  कई  नाम  हैं  , जो  इनके  पापकर्मों  के  कारण  इन्हें  दिए  गए  हैं  जैसे  पिशाच , एनर्जी  वैम्पायर , नार्सिस्ट ,  अपनी  शक्तियों  का  दुरूपयोग  करने  वाले  , भूत -प्रेत  आदि  एन्टिटी  के माध्यम  से  दूसरों  को  सताने  वाले  तांत्रिक   l  ऐसे  कई  नाम  इन्हें  दिए  जा  सकते  हैं  l  रावण  भी  महान  तांत्रिक  था  , मायावी  था  लेकिन  उसके  पास  जो  ऊर्जा  थी  वह  उसने  अपनी  तपस्या  से  प्राप्त  की  थी  l  उसने  एनर्जी  वैम्पायर  की  तरह  किसी  की  ऊर्जा  को  चुराया  नहीं  था  l  लेकिन  आज  के  जो  असुर  हैं  वे  दूसरों  की  ऊर्जा  को  चूसकर  ,  स्वयं  को  भगवान  मानकर  अपने  जीवन  में  एन्जॉय  करते  हैं  l  ऐसे  लोग  वास्तव  में  अमर  बेल  की  तरह  हैं  जो  दूसरों  के  बल  पर  जीते  हैं  l  इन  लोगों  का  अंत  बहुत  कष्टकर  होता  है   और  कहते  हैं  मृत्यु  के  बाद  इनकी  आत्मा  को  यमदूत   कोढ़े  मारते  हुए  , घसीटते  हुए  ले  जाते  हैं  l  ऐसे  लोग  मानव  समाज  के  लिए  हर  तरह  से  अभिशाप  हैं  ,  ऐसे  लोग  जब  तक  जीवित  रहते  हैं  , अपने  अहंकार  और  अपनी  अनेक  बुराइयों  के  कारण  लोगों  को  शारीरिक  और  मानसिक  रूप  से  उत्पीड़ित  करते  हैं  l  मरने  के  बाद  इनकी  मुक्ति  नहीं होती  ,  तब  ये  भूत -प्रेत , पिशाच , जिन्न  आदि  बनकर   लोगों  को  सताते  हैं  , अपनी  अतृप्त  इच्छाओं  को  पूरा  करते  हैं   और  सम्पूर्ण  वायुमंडल  को  नकारात्मक  कर  देते  हैं  l  उनकी  कभी  शांत  न  होने  वाली  भूख  के  कारण  ही   संसार  में  उत्पात , दुर्घटना , सामूहिक  मृत्यु  आदि  दिल  दहलाने  वाली  घटनाएँ  होती  है  l  इस  समस्या  का  एक  ही  समाधान  है   कि  सम्पूर्ण  संसार   सामूहिक  रूप  से  ' गायत्री मंत्र ' का  जप  करे  l  गायत्री  मंत्र  से  स्वयं  के  लिए  एक  सुरक्षा  कवच  बन  जाता  है  , स्वयं  ईश्वर  इन  पापियों  से  रक्षा  करते  हैं   और  गायत्री मंत्र  के  जप  से  प्रकृति  को  पोषण  मिलता  है   , मन्त्र  के  प्रभाव  से  ये  पापी   कम  से  कम  भूत -प्रेत  बनकर  संसार  को  कष्ट  न  दें  , किसी  अन्य  लोक  में  जाएँ  तभी  इस  संसार  में   मनुष्य  सुकून  की  जिन्दगी  जी  सकता  है  l