23 October 2026

WISDOM ----

 पं . श्रीराम  शर्मा आचार्य जी  कहते  हैं  ----' पतन  की  राह  बहुत  आसान  है  l  पानी  नीचे  की ओर तेजी  से  गिरता  है   लेकिन  ऊपर  चढ़ाने  के  लिए  विशेष  प्रयास  करना  पड़ता है  l  बुराई  में  एक  आकर्षण  है  , लाभ    तुरंत  मिलता  है  इसलिए  लोग   बुराई  की  ओर  बढ़  जाते  हैं  l  '  महाभारत    के  दुर्योधन  औए  दु:शासन  आज  असंख्य  मिल  जाएंगे   लेकिन  पांच पांडवों  जैसा   कोई  मिलना  लगभग  असंभव  ही  है  l  यहाँ  एक  महत्वपूर्ण  बात  यह  भी  है  l  कि  जब  दुर्योधन , दु:शासन  पैदा  हुए  थे  तब  ऐसे  नहीं  थे  l  वे  सुयोधन  और  सुशासन  थे  l  उन्हें  अनीति  और  अधर्म  के  मार्ग  पर  चलने  वाला   और  छल , कपट  , षड्यंत्र   रचने  वाला   दुर्योधन  और  दु:शासन  किसने बना  दिया   ?     इनके  मामा  ' शकुनि '  ने  ही    दुर्योधन  , दु: शासन  के  बाल्यकाल  से  ही  उनके  मन  में  पांडवों  के  विरुद्ध  जहर  भरना शुरू कर  दिया  था  l    आज संसार  में   ' मामा शकुनि '  जैसे  लोगों  की  भरमार  है   l   ऐसे  लोग  दूसरों  का  माइंड   वाश  करके  , उन्हें  मेनुप्लेट  कर  के  गलत  राह    पर  धकेल  देते  हैं  l   किसी  के  सुखी  परिवार  में  कलह  पैदा  करना  , पति -पत्नी  में  मनमुटाव  कर   उन्हें  अलग  करा  देने  में  ऐसे  शकुनि  बड़ी  भूमिका  अदा  करते  हैं  l  वैश्वीकरण  के  इस  युग  में  शकुनि  अंतर्राष्ट्रीय  स्तर  पर  छा  गए  हैं  l ईश्वरीय  विधान  में  भी  दखल  करने  लगे  हैं  l  ईश्वर  ने  किसी  को  लड़का  बनाया    तो  कोई न  कोई   शकुनि  उनके  दिमाग  में  भर  देगा  कि  उन्हें  तो  लड़की  होना चाहिए  l  शारीरिक  परिवर्तन  तो  हो  गया  लेकिन  मन  और  चेतना  तो  नहीं  बदली  , जीवन   का  संतुलन  बिगड़  गया  l  ऐसे  शकुनि  विभिन्न  क्षेत्रों  में  फैले  हैं  , संसार  में  होने वाली  विभिन्न  अपराधिक  गतिविधियों   में  उनकी  बहुत  बड़ी  भूमिका  है  l  दुर्योधन  को  अपने  अंतिम  समय  में  होश  आया  था  कि   हस्तिनापुर  का  युवराज  होते  हुए  भी  उसने  अपना सारा  जीवन   छल ,कपट  और  षड्यंत्र  करते  ही  बिता  दिया  , जीवन  व्यर्थ  हो  गया  l   महाभारत  के  विभिन्न   पात्रों   का   चरित्र  हमें  जागरूक  करने  के  लिए  है  , हम  होश  में  रहकर  जीवन  जियें  , जीवन  को सार्थक  करें  l