3 October 2020

WISDOM ----

   '  प्रचुर मात्रा  में  सरकारी  सहायता  के  बावजूद   दलित  एवं   पिछड़े  समाज  में  कोई  विशेष  परिवर्तन  क्यों  नहीं  नजर  आता  है  ? '  ----- यह  पूछे  जाने  पर  पं. श्रीराम  शर्मा   आचार्य जी  ने  कहा ---- " किसी  भी  पिछड़े  समाज  को  मुख्य  धारा   में  लाने  के  लिए   केवल  सरकारी  सहायताएं  ही  पर्याप्त  नहीं  हैं  l   मुख्य  बात  तो  यह  है  कि  उस  समाज  के  लोगों  की  जीवनशैली  में  परिवर्तन  करना  आवश्यक  है  ,  और  जीवनशैली  में  परिवर्तन  करना  आसान  कार्य  नहीं  है  l   यह  अत्यंत  धैर्यपूर्वक  और  दीर्घकाल  तक  की  जाने  वाली  प्रक्रिया  है  l   आप  गहराई  से  सोचें  तो  पाएंगे   कि   इंसान  या  समाज  की  वर्तमान   दुरवस्था  का  कारण   उनके  अतीत  के  कर्मों  में   सन्निहित  है  l    शुभ   एवं सत्कर्मों  के  माध्यम  से    इस  वर्ग   की  स्थिति  में  वांछित  एवं    आशातीत  परिवर्तन  लाया  जा  सकता  है  l '  उन्होंने  आगे   कहा ----  ' समाज  की   महिलाओं  एवं   पुरुषों  को   केवल  सहायता   या  पैसा   देना पर्याप्त  नहीं  है  l   उस  सहायता  से    उनकी    क्षमता   के  आधार  पर  स्वावलम्बन  का  कार्य  प्रारम्भ  करना  चाहिए  ,  उन्हें  शुभ  कर्मों  से  जोड़ना  चाहिए  और  सेवा  कार्यों  में  संलग्न  करना  चाहिए  l  इससे  उनकी  जीवनशैली  में  परिवर्तन  आएगा  , नकारात्मक  विचार  बदलेंगे  l  शिक्षा  एवं   विभिन्न  प्रकार  के   सेवा   एवं   स्वावलम्बन  कार्य  करने  से   उनमे  आत्मविश्वास  जागेगा  l   जीवनशैली  एवं   विचारों  में  परिवर्तन  किए   बगैर   पिछड़े , दलित  या  ऐसे  किसी  समाज  का  उत्थान  संभव  नहीं  है  l 

No comments:

Post a Comment