7 February 2026

WISDOM ----

   कांची नरेश  की  राजकुमारी  प्रेत  बाधा  से  पीड़ित  थी  l  भूत  सामान्य  नहीं  था , वह  ब्रह्म राक्षस  था  l  राजा  ने  श्री  रामानुज  को  बुलाया  l   रामानुज  ने  वहां  जाकर   जब  राजकुमारी  को  देखा  तब  सब  समझ  गए  और   पूछा  ---- "  आपको  यह  योनि  क्यों  मिली  l "  ब्रह्मराक्षस  रो -रोकर  बोला  ---- "  मैं  विद्वान  था  ,  किन्तु  मैंने  अपनी  विद्या  छिपाकर   रखी  l  किसी  को  भी  मैंने  विद्यादान नहीं  किया  ,  इससे  मैं  ब्रह्मराक्षस  हुआ  l  आप  समर्थ  हैं  ,  मुझे  इस  प्रेतत्व  से  मुक्ति    दिलाइये  l "  श्री  रामानुज  ने  राजकुमारी के  मस्तक  पर  हाथ  रख  कर  जैसे  ही  भगवान  का  स्मरण  किया  ,  वैसे  ही  ब्रह्मराक्षस   ने  राजकुमारी  को  छोड़  दिया  ,  क्योंकि  वह  स्वयं  प्रेत योनि  से  मुक्त  हो  गया  l  उस  दिन  से  श्री  रामानुज  ने  प्रतिज्ञा  की   कि  वह  स्वाध्याय  का  लाभ   अपने  समाज   को  भी  देते  रहेंगे  l  

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