27 July 2026

WISDOM ------

   यदि  जीवन  में  कुछ  भी  खोने  का  भय  न   हो  और  मृत्यु  का  भी  भय  न  हो    तो  व्यक्ति  निर्भय  हो  जाता  है  l   वर्तमान  युग  का  जो  युवा वर्ग  है  ,  वह  ऐसा  ही  निर्भय  है  l    सामान्य  वर्ग   में  हम  देखें  तो  पुत्र  के  युवा  होने  पर  ,  उसकी  शिक्षा  पर  पर्याप्त  धन  खर्च  करने  के  बाद  माता -पिता  उसकी  ओर  बड़ी  उम्मीद  भरी  नज़रों  से  देखने  लगते  हैं  कि   बेटा  !  अब  कुछ  कमाने  लगो ,   अपनी  जिम्मेदारी  समझो  l  इस  उम्मीद  में  कई  वर्ष  बीत  जाते  हैं   फिर  भी  नौकरी  नहीं , कोई  निश्चित  आय  का  साधन  नहीं    तब   उस युवक  की  स्थिति  बहुत  दयनीय  हो  जाती  है  , अड़ोसी -पडोसी , रिश्तेदार   और  माता -पिता  भी  ताने  देने  लगते  हैं  कि  कुछ  कमाता  नहीं  है , बैठा  रहता  है  l  अब  वह  युवक  क्या  करे  ?  बहुत  मेहनत  कर  रहा  है  लेकिन  सब  व्यर्थ  है  l  बिना  कमाई  के  विवाह  भी  संभव  नहीं  है   और  यदि  विवाह  हो  गया  है  तो   बिना  कमाई  के   परिवार  में  कोई  इज्जत  नहीं  है  l  परिवार  की  आर्थिक  स्थिति   बहुत  साधारण  है   तब     रोजगार  के  बिना   युवा   का  जीवन  बहुत  कठिन  है  l  ऐसे  में  कुछ  निराश  होकर  आत्महत्या  कर  लेते  हैं , कुछ  पलायन  कर  साधु  बन  जाते  हैं l  कोई  बहकाने  वाला  मिल  जाये    तो  उनके  कदम  अपराध  की  ओर  बढ़  जाते  हैं  लेकिन  जो  जागरूक  हैं  और  आशावादी  हैं  , उन्हें  यदि  तिनके  का  भी  सहारा  मिल  जाए  तो  वे  अपने  नागरिक  अधिकारों  के  प्रति  जागरूक  होकर  ' करो  या  मरो '  पर  उतारू  हो  हो  जाते  हैं  l  उनके जोश  को  देखकर     जो  युवा  निराश  हो  चुके  हैं  , उनमे  भी  ऊर्जा  का  संचार  हो  जाता  है  l  संसार  के  कई  देशों  में  युवाओं  के  जोश  को  देखकर  ऐसा  लगता  है   जैसे  कार्ल  मार्क्स  की  आत्मा  ऊर्जा  बनकर  इन  सबके  भीतर समां  गई  है  , उन्होंने  कहा  था  --- संसार  के  मजदूरों  एक  हो  जाओ  , तुम्हारे  पास  खोने  को  कुछ  नहीं  है  ------------'   आज  का  युवा  बहुत  बुद्धिमान  है   और  संचार  के  आधुनिक  साधनों  ने  उनकी  ऊर्जा  को  और  अधिक  शक्तिशाली  बना  दिया  है  l  अब  यह  ऊर्जा  क्या  गजब  करेगी  यह  तो  आने  वाला  समय  बताएगा  l